Success Attitude | सफलता का नजरिया

सफलता का दृष्टिकोण :

Success Attitude के सम्बन्ध में हिन्दी की एक कहावत में बहुत बेहतरीन कहा गया है कि “पूत कपूत तो क्यो धन संचे, पूत सपूत तो क्यो धन संचे”

जिसका अर्थ है कि अगर पूत अर्थात बेटा यदि कुपुत्र है मतलब उसके पास सफलता और धन की समझ नही है तो उसके लिये धन संचय क्यो किया जाय, क्योकि वो तो उसे गलत कामों में उडाकर कंगाल हो जायेगा और अगर पूत सपूत है मतलब उसके पास सफलता और धन की समझ है तो भी धन क्यो संचय किया जाय क्योकि वो तो स्वयम अपनी काबलियत से धन और सफलता अर्जित कर ही लेगा।

इसी बात को Millionairs इस प्रकार कहते हैं कि Financial Success की यात्रा शुरू करने के लिए पैसे के बजाय “Success Attitude (सफलता के दृष्टिकोण)” और “Courage to Start (काम को शुरू करने के साहस)” की आवश्यकता होती है।

इसे इस Example के साथ समझे कि यदि आपके पास Start करने के लिये Money कम भी है लेकिन Success Attitude है तो आप अपने 1000 रुपये को 2000 में और फिर 4000 में बदल सकते हैं, उसी तरह आप आगे 4000 को 10000 फिर 20000 में बदल सकते हैं और उसी तरह आप उस छोटे से 1000 को एक लाख में भी बदल सकते हैं। इसके लिए हमें बस सही Financial Education (वित्तीय शिक्षा) और पैसे के बारे में सही दृष्टिकोण रखने की जरूरत है।

क्या कभी आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में सुना हो जिसने 10-7 की Job करके Financial Freedom (आर्थिक आजादी) हासिल की हो? शायद नही या सुना भी हो उनकी संख्या ना के बराबर या बहुत कम होगी? ऐसा क्यो ?

क्योंकि आमतौर पर जिन स्कूल और कालेज से हम पढ कर आते हैं वहा पर अधिकांश में हमें पैसे के बारे में नहीं बल्कि यह पढाया जाता है कि कैसे 10-7 की Job मिले और कैसे उसे जीवन भर किया जाय और 60 साल की उम्र में रिटायरमेंट लिया जाय।

यही कारण है कि हममें से 10-7 की जाँब करने वाले अधिकांश या यो कहें कि  90% लोग 40 साल की उम्र तक पहुचते पहुचते ही जाँब करके आर्थिक रूप से टूट जाते हैं वे जीवन भर Struggle ही करते रहते हैं वह कभी Financial Freedom हासिल नही कर पाते।

जाँब करते समय भी आमतौर पर अधिकाँश लोगों के मन मे यह जरूर आता है कि कुछ और किया जाय लेकिन फिन उनके सामने Fear of Failure आडे आ जाता है जो सफलता की राह में सबसे बड़ी बाधा होता है। लेकिन सही दृष्टिकोण और Purposeful Action से असफलता के इस डर को दूर किया जा सकता है।

जो भी लोग महान हुये हैं ऐसा नही है कि उनके सामने विपरीत परिस्थितिया नही आयी वे फेल नही हुये, बस फर्क ये है कि उस समय उनका नजरिया कैसा रहा। उनका Action Oriented Positive Attitude उन्हें उससे बाहर निकाल लाया और वे महान लोगों की कतार में आ खडे हुये। यहां यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आपके साथ क्या होता है, मायने यह रखता है कि उस समय आपका attitude कैसा रहता है।

जैसा कि हेनरी फोर्ड ने कहा था ‘यदि आपको लगता है कि आप कर सकते हैं तो आप कर सकते हैं और अगर आप सोचते हैं कि आप नहीं कर सकते, तो भी आप सही हैं’! सारा खेल आपके दृष्टिकोण का है आपके attidude का है।

Bottom Line यह है कि जीवन में लोग कभी न कभी किसी बिजनस को करने की सोचते तो हैं लेकिन धन की कमी के कारण शुरू ही नही कर पाते जबकि सफल लोगों का मानना है कि किसी काम को शुरू करने के लिये धन से अधिक Success Attitude और Courage to Start की आवश्यकता होती है इसलिये यदि आपने मन में कोई विचार आता है तो उसे अमल में लाने के लिये कदम बढाइये।i

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